By: Varchasvnews
07-05-2018 06:24

मॉस्को. रूस में सोमवार को व्लादिमीर पुतिन चौथी बार राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। लेकिन इसके पहले ही उनका विरोध भी शुरू हो चुका है। हजारों लोगों ने पुतिन के खिलाफ मॉस्को के पुश्किन स्क्वेयर पर प्रदर्शन किया। लोग पुतिन के फिर से राष्ट्रपति के पद पर काबिज होने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों की अगुआई एंटी-करप्शन कैंपेनर और पुतिन के विरोधी रहे अलेक्सी नवाल्नी ने की। पुलिस ने नवाल्नी समेत 1600 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया।


नवाल्नी को घसीटते हुए ले गए सुरक्षाकर्मी
- पूरे रूस में शनिवार को याकुत्स से लेकर पूर्वोत्तर स्थित सेंट पीटर्सबर्ग और कैलिनिनग्राद तक प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों में ज्यादातर नवाल्नी समर्थक थे।
- पुश्किल स्क्वेयर पर प्रदर्शन के दौरान नवाल्नी को सुरक्षाकर्मी घसीटते हुए ले गए। सरकार द्वारा नियंत्रित टीवी पर प्रदर्शन का कोई कवरेज नहीं हुआ।
- लोगों ने 'पुतिन चोर है और रूस आजाद होगा' के नारे लगाए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाईं। लोगों ने ये भी कहा- 'वे (पुतिन) हमारे जार नहीं हैं।'

पुतिन देश चलाने लायक नहीं हैं
- दिमित्री निकितेंको नाम के एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "मुझे लगता है कि पुतिन देश चलाने के लायक नहीं हैं। वे 18 साल से सत्ता में हैं और उन्होंने हमारे लिए कुछ भी अच्छा नहीं किया।"
- ओवीडी-इन्फो नाम के पॉलिटिकल ऑर्गनाइजेशन ने कहा, "अगर वे भलाई चाहते हैं तो उन्हें गद्दी से हट जाना चाहिए।"
- इरैदा निकोलेवा नामक महिला ने पुलिस पर चिल्लाते हुए कहा, "मेरे बेटे को जाने दो। उसने कुछ नहीं किया। तुम इंसान हो या नहीं?क्या तुम रूस में रहते भी हो या नही?"

नवाल्नी पर पुलिस का आदेश न मानने का आरोप
- नवाल्नी पर आरोप है कि उन्होंने पुलिस का आदेश नहीं माना। अगर ये साबित हुआ तो उन्हें 15 दिन की जेल हो सकती है। पहले भी नवाल्नी इसी तरह के आरोपों में कई हफ्ते जेल में गुजार चुके हैं।
- नवाल्नी पहले भी देश भर में प्रदर्शन का आयोजन कर चुके हैं।
- रूस के 20 शहरों में हुए प्रदर्शनों में 1600 से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए गए। इसमें अकेले मॉस्को में 704 और सेंट पीटर्सबर्ग में 229 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
- वहीं, मॉस्को पुलिस ने कहा कि राजधानी में पुलिस ने 300 लोगों को अरेस्ट किया।


77% वोट हासिल कर चुने गए थे राष्ट्रपति
- मार्च में हुए चुनाव में पुतिन ने 77% वोट हासिल किए थे। रूस में जोसेफ स्टालिन के बाद वे सबसे ज्यादा सत्ता में काबिज रहने वाले नेता बन चुके हैं।
- नवाल्नी ने उन्हें चुनौती पेश की थी लेकिन उन्हें वोट डालने से ही रोक दिया गया। नवाल्नी के समर्थकों ने उन्हें चुनाव से बाहर करने का आरोप लगाया।
- व्लादिमीर पुतिन 2000, 2008 और 2012 में राष्ट्रपति चुने गए थे। 2008-12 तक पुतिन प्रधानमंत्री चुने गए थे।
- पुतिन, रूस (तब सोवियत संघ रहे) के तानाशाह रहे जोसेफ स्टालिन के बाद सबसे लंबे वक्त तक शासन करने वाले लीडर बन चुके हैं। स्टालिन 1922 से 1952 तक 30 साल सत्ता में रहे।

 

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