
सूरजपुर, आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग द्वारा जिले के किसानों को संतुलित उर्वरकों के उपयोग के लिए जागरूक किया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के सभी उर्वरक संग्रहण केन्द्रों एवं सेवा सहकारी समितियों में फ्लैक्स, पोस्टर तथा मैदानी अमले के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
कृषि विभाग ने बताया कि खरीफ फसलों में सामान्यतः किसान यूरिया, डीएपी एवं पोटाश का अधिक उपयोग करते हैं, लेकिन केवल एक या दो उर्वरकों पर निर्भर रहने से भूमि की उर्वरकता प्रभावित होती है। इसलिए भूमि की उत्पादक क्षमता बनाए रखने, फसल उत्पादन बढ़ाने तथा खेती की लागत कम करने के लिए संतुलित उर्वरकों का उपयोग अत्यंत आवश्यक है।
विभाग द्वारा किसानों को डीएपी के वैकल्पिक उर्वरकों एवं अन्य रासायनिक खाद समूहों के समुचित उपयोग के संबंध में भी जानकारी दी जा रही है, ताकि वे अपनी फसलों की आवश्यकता के अनुसार उचित पोषण प्रबंधन कर सकें।
उप संचालक कृषि संपदा पैकरा ने किसान भाईयों से अपील की है कि वे वैज्ञानिक पद्धति से संतुलित उर्वरकों का उपयोग करें, जिससे बेहतर उत्पादन के साथ-साथ भूमि की सेहत भी सुरक्षित रह सके।