अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आज बुधवार को दुनियाभर में जैसे को तैसा टैरिफ (रेसिप्रोकल टैरिफ) लगाने की घोषणा करेंगे। व्हाइट हाउस ने मंगलवार को कहा- ट्रम्प बुधवार को शाम 4 बजे (स्थानीय समय) रोज गार्डन में ‘मेक अमेरिका वेल्दी अगेन इवेंट में भाषण देंगे। इसी इवेंट में रेसिप्रोकल टैरिफ को लेकर घोषणा होगी।
व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा- घोषणा होने के तुरंत बाद ही टैरिफ लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रम्प ने कई मौकों पर 2 अप्रैल को अमेरिका का मुक्ति दिवस यानी लिबरेशन डे बताया है। वे इस दिन भारत समेत कई अन्य देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने जा रहे हैं।
कैरोलिन लेविट मंगलवार को मीडिया से कहा-
ट्रम्प बुधवार को लागू करने वाले टैरिफ के लेवल पर निर्णय ले चुके हैं। मैं राष्ट्रपति से आगे नहीं जाना चाहती। यह एक बहुत बड़ा दिन है। वह अभी अपने बिजनेस और टैरिफ टीम के साथ हैं। इसे बेहतर बना रहे हैं, ताकि यह अमेरिकी जनता और वर्कर्स के लिए एक परफेक्ट डील बने। आप 24 घंटे में इस बारे में जान जाएंगे।
दरअसल, टैरिफ एक तरह का बॉर्डर फीस या टैक्स होता है, जो कोई भी देश विदेशों से अपने यहां आने वाले सामान पर लगाता है। यह टैक्स आयात करने वाली कंपनी पर लगाया जाता है। इसे घटा-बढ़ाकर ही देश आपस में व्यापार को कंट्रोल करते हैं।
इजराइल ने अमेरिकी उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी हटाई
इजराइल ने अमेरिका से आने वाले उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी है। अमेरिका इजराइल का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है।
अमेरिका इजराइल का सबसे अहम व्यापारिक साझेदार है। इजराइल ने 2024 में अमेरिका को 17.3 बिलियन डॉलर का निर्यात किया था।
इजराइली सरकार ने बताया कि अमेरिका के साथ 1985 में हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की वजह से लगभग 99% अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर कस्टम ड्यूटी पहले ही नहीं लगती है।
ट्रम्प ने कहा था- 2 अप्रैल से भारत पर 100% टैरिफ लगाएंगे
अमेरिकी संसद के जॉइंट सेशन में ट्रम्प ने कहा था- भारत हमसे 100% से ज्यादा टैरिफ वसूलता है, हम भी अगले महीने से ऐसा ही करने जा रहे हैं। उन्होंने ऐलान किया कि उनके प्रशासन के तहत, अगर कोई कंपनी अमेरिका में अपना प्रोडक्ट नहीं बनाएगी, तो उसे टैरिफ देना होगा। कुछ मामलों में, यह टैरिफ बहुत बड़ा होगा।
उन्होंने कहा कि दूसरे देश अमेरिका पर भारी टैक्स और टैरिफ लगाते हैं, जबकि अमेरिका उन पर बहुत कम लगाता है। यह बहुत अन्यायपूर्ण है। दूसरे देश दशकों से हम पर टैरिफ लगाते आ रहे हैं, अब हमारी बारी है।