नेपाल में हिंसक प्रदर्शन, दो की मौत:105 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार, इनमें प्रजातंत्र पार्टी के नेता भी

Updated on 29-03-2025 01:30 PM

नेपाल में राजशाही की मांग को लेकर शुक्रवार को हुए हिंसक प्रदर्शन में दो लोगों की मौत हो गई। हिंसा को बढ़ावा देने, प्राइवेट प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने और आगजनी करने के आरोप में पुलिस ने 105 लोगों को गिरफ्तार किया है।

इनमें राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के उपाध्यक्ष रबिंद्र मिश्र, जनरल सेक्रेटरी धवल शमशेर राणा शामिल हैं। इसके अलावा स्वागत नेपाल, शेफर्ड लिंबू और संतोष तमांग जैसे राजशाही का समर्थन करने वाले कार्यकर्ता समेत 17 अन्य नेता भी शामिल हैं।

गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन के प्रमुख आयोजक नवराज सुबेदी को हाउस अरेस्ट में रखा गया है। वहीं, इस प्रदर्शन के चीफ कमांडर दुर्गा परसाई की तलाश की जा रह है।

40 से ज्यादा नेपाली संगठनों के प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को काठमांडू के तिनकुने में एक इमारत में तोड़फोड़ करने के बाद उसे आग के हवाले कर दिया था। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर भी फेंके, जिसके जवाब में सुरक्षाकर्मियों को आंसू गैस के गोले दागने पड़े।

काठमांडू में कर्फ्यू हटाया गया

शुक्रवार को प्रशासन ने काठमांडू में कर्फ्यू लागू कर और सेना की तैनाती कर दी थी। शनिवार सुबह हालात में सुधार होने के बाद काठमांडू के पूर्वी हिस्से से कर्फ्यू हटा दिया गया है।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार को एक हफ्ते का अल्टीमेटम दिया

शुक्रवार को प्रदर्शनकारी 'राजा आओ देश बचाओ', 'भ्रष्ट सरकार मुर्दाबाद' और 'हमें राजशाही वापस चाहिए' जैसे नारे लगा रहे थे। उन्होंने सरकार को एक हफ्ते का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि अगर उनकी मांगों पर एक्शन नहीं लिया गया तो और ज्यादा उग्र विरोध प्रदर्शन होगा।

नेपाल के पूर्व राजा ज्ञानेंद्र ने 19 फरवरी को प्रजातंत्र दिवस पर लोगों से समर्थन मांगा था। इसके बाद से ही देश में ‘राजा लाओ, देश बचाओ’ आंदोलन को लेकर तैयारियां चल रही थीं।

किंग ज्ञानेंद्र पर परिवार के नरसंहार के आरोप

नेपाल के पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह पर 1 जून, 2001 को हुए नारायणहिति हत्याकांड में अपने परिवार के सदस्यों की हत्या का आरोप लगा है। इस घटना में राजा वीरेंद्र, रानी ऐश्वर्या सहित शाही परिवार के 9 लोगों की मौत हुई थी।

आधिकारिक तौर पर युवराज दीपेंद्र को इस हत्याकांड के लिए जिम्मेदार ठहराया गया। हालांकि, कई लोगों का मानना है कि ज्ञानेंद्र ने सत्ता हासिल करने के लिए यह षड्यंत्र रचा, क्योंकि उस रात वे महल में मौजूद नहीं थे और उनके परिवार को कोई नुकसान नहीं हुआ। इस रहस्यमयी हत्याकांड के पीछे सच्चाई आज भी विवादास्पद बनी हुई है।

87 साल के नवराज सुवेदी कर रहे आंदोलन का नेतृत्व

आंदोलन का नेतृत्व नवराज सुवेदी कर रहे हैं। वे राज संस्था पुनर्स्थापना आंदोलन से जुड़े हुए हैं। इसका मकसद नेपाल में राजशाही को बहाल करना है। दरअसल, नेपाल में साल 2006 में राजशाही के खिलाफ विद्रोह तेज हो गया था।

कई हफ्तों तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद तत्कालीन राजा ज्ञानेंद्र को शासन छोड़कर सभी ताकत संसद को सौंपनी पड़ी। लेकिन अब नेपाल की जनता देश में फैले भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और बार-बार सत्ता परिवर्तन से परेशान हो गई है।

सुवेदी का नाम तब सुर्खियों में आया जब पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह ने उन्हें इस आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए उनका नाम आगे बढ़ाया। हालांकि, उनके इस नेतृत्व को लेकर नेपाल के प्रमुख राजवादी दलों, जैसे राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (राप्रपा) और राप्रपा नेपाल, में कुछ असंतोष देखा गया है।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 02 April 2025
न्यूयॉर्क: अमेरिका की एक अदालत ने स्पष्ट किया है कि भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल को फरवरी में उनकी वाशिंगटन यात्रा के दौरान कोई अदालती दस्तावेज नहीं दिया…
 02 April 2025
वॉशिंगटन: अमेरिका की ओर से बुधवार, 2 अप्रैल से कई देशों पर नए टैरिफ लागू हो जाएंगे। इन टैरिफ का ऐलान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से किया गया…
 02 April 2025
इस्लामाबाद: पाकिस्तान की सेना को देश की सबसे मजबूत संस्था माना जाता है। पाकिस्तान में सियासत से लेकर तमाम बड़े बिजनेस तक सेना की दखल है। हालांकि अब सेना पर…
 02 April 2025
मॉस्को: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेना में भर्ती के लिए बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने 18 से 30 साल के 1 लाख 60 हजार युवाओं को सेना में…
 02 April 2025
म्यांमार में आए भीषण भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,719 हो गई है। सैन्य सरकार के मुताबिक ये आंकड़ा 3000 के पास जाने की आशंका है। वहीं, घायलों…
 02 April 2025
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आज बुधवार को दुनियाभर में जैसे को तैसा टैरिफ (रेसिप्रोकल टैरिफ) लगाने की घोषणा करेंगे। व्हाइट हाउस ने मंगलवार को कहा- ट्रम्प बुधवार को शाम 4…
 02 April 2025
अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद पूर्व PM शेख हसीना को बांग्लादेश की सत्ता से बेदखल करने में मदद करने वाले इस्लामी कट्टरपंथी अब अपने असली मकसद पर लौट…
 31 March 2025
अंकारा: तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने ईद पर अजीब मुराद मांगी है। उन्होंने अल्लाह से इजरायल को बर्बाद करने की दुआ मांगी है। गाजा पर इजरायल के हमलों के…
 31 March 2025
काबुल: तालिबान के एक नेता ने रविवार को कहा कि अफगानिस्तान में पश्चिमी कानूनों की कोई आवश्यकता नहीं है। हिबातुल्ला अखुंदजादा ने दक्षिणी शहर कंधार की ईदगाह में ईद अल-फितर की…
Advt.